KAVI GOPALDAS NEERAJ

कुछ 8-10 साल

मम्मी-पापा की शादी की सालगिरह थी। हमलोग ने सोचा कि दोनो की फोटो इकट्ठा करके एक विडियो बनायेंगे। बना भी लिया। अब बस एक गाना चाहिए था जो कि उस विडियो में पीछे चलता रहे। बहुत खोजा। मिल ही नहीं रहा था। बहुत मशक्कत के बाद एक गाना मिला…

“फूलों के रंग से, दिल की कलम से…”

बहुत पसंद आया। मम्मी-पापा को विडियो और मुझको यह गाना। इस कदर पसंद आया कि बस ज़ेहन में बस गया।

सालों बाद पता चला कि गाने के गीतकार हैं कवि गोपाल दास नीरज।
सदाबहार नग्मे- ‘लिखे जो ख़त तुझे, वो तेरी याद में…’, ‘आज मदहोश हुआ जाए रे मेरा मन…’ जैसे और तमाम गीतों को अल्फाज़ आप ही ने दिये।

कुछ 2-3 साल पहले

लखनऊ महोत्सव का वक्त था। जाड़े का मौसम। रात के करीब नौ बजे साहित्य-प्रेमियों का रूख ‘कवि-सम्मेलन/ मुशा’यरे’ की जानिब हुआ।

एक के बाद एक कवियों/शा’यरों ने महफ़िल लूटी, वाहवाही बटोरी।

सर्द बढ़ रही थी। पर कविता/शा’यारी का खुमार ऐसा, कि भीड़ बढ़ती गई। और बढ़ती भी क्यों न; अब मंच जो संभाला था स्वयं पद्मभूषण कवि गोपालदास नीरज ने।

आप अपने उम्र के नौवें दशक में थे। आप माईक तक न आ पाये इसलिए माईक आप तक लाया गया। आवाज़ में हल्की कम्पन थी ( जाङे का मौसम था!) पर जैसे ही आपने अपने शब्दों का बाण छोड़ा, वैसे ही तालियों की गङगङाहट से माहौल में गर्माहट आ गई।

उम्र क्या है? महज़ एक अनुभूति- ये तब पता चला जब आपने मंचासीन मध्यायु अन्य कवियों/शा’यरों, को ‘युवा कवि वर्ग’ कह कर संबोधित किया।

उस दिन आपकी कही एक पंक्ति हमेशा याद रहती है-

“आत्मा के सौन्दर्य का शब्द रूप है काव्य, मानव होना भाग्य है कवि होना सौभाग्य…”

उस ही दिन की आपकी एक और पंक्ति है जो आपने अपने जीवनकाल में स्वयं ही सार्थक की-

“इतिहास वहीं लोग बनाते हैं, इतिहास से जो आगे निकल जाते हैं …”

उस सर्द रात मैं जिस उर्जा के साथ घर पहुँची, बयां कर पाना मुश्किल सा है।

अब आप एक बेहतर जहां में हैं।

अंत में आपकी कुछ पंक्तियों आप ही को समर्पित-

“नींद भी खुली न थी कि हाय धूप ढल गई,
पाँव जब तलक उठे कि ज़िन्दगी फिसल गई,
पात-पात झर गये कि शाख़-शाख़ जल गई,
चाह तो निकल सकी न, पर उमर निकल गई,
गीत अश्क़ बन गए,
छंद हो दफ़न गए,
साथ के सभी दिऐ धुआँ-धुआँ पहन गये,
और हम झुके-झुके,
मोड़ पर रुके-रुके
उम्र के चढ़ाव का उतार देखते रहे
कारवां गुज़र गया, गुबार देखते रहे…”

One Comment Add yours

  1. londonhindiincest says:

    बहुत बढ़िया

    Like

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